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कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आते हैं खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ और कà¥à¤¯à¤¾ इनका इलाज कराने की जरूरत है?
खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ का इलाज नहीं किठजाने पर चयापचय सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, सीवीà¤à¤¸ रोग जैसे उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, अरà¥à¤°à¤¹à¤¥à¤®à¤¾-à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जिसमें हृदय असामानà¥à¤¯ लय के साथ धड़कता है और मृतà¥à¤¯à¥ का खतरा à¤à¥€ होता है।
ऊपरी वायॠमारà¥à¤— की शिथिलता के कारण खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ आते हैं, जिससे शà¥à¤µà¤¸à¤¨ मारà¥à¤— आंशिक रूप से बंद हो जाता है। फेफड़ों में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ में कमी के साथ अलग तरह के खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ की आवाज आती है। यह आवाज गले के पीछे (यूवà¥à¤²à¤¾ और नरम तालू) और जीठके आधार में नरम ऊतक में कंपन के कारण होती है। सà¤à¥€ लोगों में से लगà¤à¤— आधे ने अपने जीवन में कà¤à¥€ न कà¤à¥€ खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लिठहैं और इसके कई संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारण हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेना à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है?
यदि आपके खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ आपकी नींद या आपके साथी की नींद में खलल डाल रहे हैं, ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ या खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ की वजह से सोते समय सांस लेने में दिकà¥à¤•à¥à¤¤ होने की आशंका है, तो इसके इलाज करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° के वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• इस बात पर à¤à¤• मत नहीं हैं कि सामानà¥à¤¯, आदतन खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ (बिना-à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤•) की वजह से सोते समय सांस लेने में दिकà¥à¤•à¥à¤¤ न हो तो वे शारीरिक रूप से हानिकारक हैं या नहीं।
खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आते हैं?
खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों के à¤à¤• साथ जà¥à¥œà¤¨à¥‡ से आते हैं जो à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में अलग-अलग होते हैं। खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ के सबसे सामानà¥à¤¯ कारणों में वजन ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना, पीठके बल सोना, मà¥à¤‚ह खोलकर सोना, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और शराब का सेवन, बंद नाक आदि शामिल हैं।
खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेने की आदत से छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिल सकता है?
à¤à¤¸à¤¾ कोई à¤à¤• उपाय नहीं है जो सà¤à¥€ खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेने वालों के लिठकारगर हो। खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ का समाधान खोजने के लिठयह समà¤à¤¨à¤¾ आवशà¥à¤¯à¤• है कि आपको खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आ रहे हैं। सामानà¥à¤¯ खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ के उपचार में वजन घटाना, सोने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बदलना, सीपीà¤à¤ªà¥€, विशेषजà¥à¤ž दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤à¤¾à¤ गठतकिठका उपयोग, कम ऊंचे तकिठआदि शामिल हैं।
सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ या सोते समय सांस लेने में दिकà¥à¤•त कà¥à¤¯à¤¾ है?
सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जहां नींद के दौरान आपका शà¥à¤µà¤¸à¤¨ वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— बार-बार बंद हो जाता है, जब तक आप जागते हैं तब तक आपको ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ से वंचित कर देता है।
अगर कोई जोर से खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेता है, तो कà¥à¤¯à¤¾ उसे सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ है?
सà¤à¥€ जोर से खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेने वालों को सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं होता है। सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का à¤à¤• साफ संकेत तब होता है जब जोर से खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेना अचानक बंद हो जाता है और खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेने की आवाज रà¥à¤• जाती है घà¥à¤Ÿà¤¨ या सांस लेने में दिकà¥à¤•त होती है। जोर से खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेना अकà¥à¤¸à¤° ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की ओर à¤à¤• कदम के रूप में देखा जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥à¤· महिलाओं से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेते हैं?
पूरà¥à¤µà¥€ ओडिशा की सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आबादी में खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ की आदत पर किठगठअधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ की वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤•ता का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ सामानà¥à¤¯ आबादी का 5 से 44 फीसदी तक है। लिंग वितरण के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° 24 से 50 फीसदी पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ और 14 से 30 फीसदी महिलाओं में खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेने की आदत पाई गई।
इस अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में 550 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ियों ने हिसà¥à¤¸à¤¾ लिया था। जिसमें से 59.72 फीसदी पà¥à¤°à¥à¤·, 40.20 फीसदी महिलाओं ने खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लिà¤à¥¤ दोनों लिंगों के 47.46 फीसदी अपने खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेने की आदत से अनजान थे। सà¤à¥€ में से 25.6 फीसदी ने दिन में नींद आने की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की।
उमà¥à¤° बढ़ने के साथ दोनों लिंगों में खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ की वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤•ता बढ़ गई। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ की उचà¥à¤šà¤¤à¤® दर 50 से 59 आयॠवरà¥à¤— में अधिक थी, जिसमें से 19.5 फीसदी में मधà¥à¤¯à¤® और 14.6 फीसदी में तेज खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेने की आदत थी। 55 से 69 वरà¥à¤· के आयॠवरà¥à¤— के 10.6 फीसदी पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में नैदानिक रूप से अवरोधक होने का संदेह था जिसे सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कहा जाता है।
महिलाओं के लिठखरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‹à¤‚ की उचà¥à¤šà¤¤à¤® पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° दर 40 से 49 वरà¥à¤· की आयॠमें हà¥à¤ˆ, जिसमें 17.8 फीसदी मधà¥à¤¯à¤® और 7.1 फीसदी को खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेने की आदत थी, जबकि चिकितà¥à¤¸à¤•ीय रूप से संदिगà¥à¤§ महिलाओं में 8 फीसदी को ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ था। यह अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ इंटरनेशनल जरà¥à¤¨à¤² ऑफ मेडिकल रिसरà¥à¤š à¤à¤‚ड रिवà¥à¤¯à¥‚ में पà¥à¤°à¤•ाशित किया गया था।
सामानà¥à¤¯à¤¤à¤¯à¤¾ लगà¤à¤— 40 फीसदी पà¥à¤°à¥à¤· खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेते हैं, जबकि केवल 20 फीसदी महिलाà¤à¤‚ खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेती हैं।
पà¥à¤°à¥à¤· अधिक खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ लेते हैं?
नर वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— शरीर रचना में नरम ऊतक के बढ़ते अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ और गरà¥à¤¦à¤¨ पर वसा के कारण खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ आने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। पà¥à¤°à¥à¤· हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— की शिथिलता को à¤à¥€ बढ़ाते हैं जबकि महिला हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ इससे बचाव करते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेना जानलेवा हो सकता है?
खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ लेना हमारे समाज में à¤à¤• सामानà¥à¤¯ रूप से नजरअंदाज की जाने वाली समसà¥à¤¯à¤¾ है। इसका इलाज नहीं किठजाने पर चयापचय सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, साइकà¥à¤²à¤¿à¤• वोमेटिंग सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (सीवीà¤à¤¸) रोग जैसे उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, अरà¥à¤°à¤¹à¤¥à¤®à¤¾-à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जिसमें हृदय अनियमित या असामानà¥à¤¯ लय के साथ धड़कता है और मृतà¥à¤¯à¥ का à¤à¥€ खतरा हो सकता है।
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